BMC ने इंजीनियरों के तबादलों के लिए शुरू किया ऑनलाइन रैंडमाइजेशन सिस्टम
*मुंबई।* बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में इंजीनियरों के तबादलों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक हस्तक्षेप और ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ के आरोपों के बाद नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। BMC अब इंजीनियरों के तबादले मैन्युअल सिस्टम से नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर आधारित रैंडमाइजेशन सिस्टम से करेगी।
BMC आयुक्त की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक इसे *’Employee Transfer System Based on Randomization’* के नाम से लागू किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत जूनियर इंजीनियर, सब इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर जो तबादले के लिए पात्र हैं, वे *5 सितंबर से 20 सितंबर के बीच ऑनलाइन आवेदन के जरिए अपनी पसंद* दे सकेंगे। इस सिस्टम में प्रशासनिक जरूरतों, खाली पदों और प्राप्त आवेदनों को ध्यान में रखा जाएगा।
दरअसल, RTI कार्यकर्ता अनिल गलगली ने खुलासा किया था कि BMC के 225 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों में केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और नगरसेवकों की सिफारिशों वाले पत्र लगे थे। बीजेपी विधायक मिहिर कोटेचा ने भी तबादलों में वित्तीय लेनदेन और ‘Cash for Transfer’ का आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव से विस्तृत जांच की मांग की थी।
इस खुलासे के बाद मामला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचा था। अब BMC ने पारदर्शिता लाने के लिए कंप्यूटरीकृत सिस्टम लागू किया है, ताकि तबादलों में मानवीय हस्तक्षेप, राजनीतिक दबाव और पक्षपात को खत्म किया जा सके।
