हॉर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़े दो LPG टैंकर, घरेलू गैस सप्लाई को मिलेगी राहत
खाड़ी क्षेत्र से भारत के लिए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आ रहे दो टैंकर — BW Elm और BW Tyr — ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार कर लिया है। शिप ट्रैकिंग डेटा LSEG और Kpler के मुताबिक, दोनों जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
यह अपडेट ऐसे समय आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है। यह मार्ग दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा सप्लाई रूट्स में से एक है; यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ सकता है।
*भारत पहुंचने में कितने दिन लगेंगे?*
इन दोनों टैंकरों का सुरक्षित निकलना भारत के लिए राहत की खबर माना जा रहा है, क्योंकि देश अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सप्लाई इसी तरह सामान्य बनी रहती है, तो घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ने की आशंका कम हो जाती है। टैंकरों के भारत पहुंचने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
*भारत के कितने जहाज फंसे हैं?*
भारत धीरे-धीरे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने फंसे हुए LPG कार्गो को बाहर निकाल रहा है। अब तक चार LPG टैंकर — शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत — वहां से निकल चुके हैं। केंद्र सरकार के जहाजरानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शुक्रवार तक पांच LPG वाहक जहाजों सहित 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए थे।
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक भारत दशकों के अपने सबसे बुरे गैस संकट का सामना कर रहा है। इससे निपटने के लिए सरकार ने उद्योगों को होने वाली गैस की आपूर्ति में कटौती कर दी है, ताकि घरों में इस्तेमाल होने वाली कुकिंग गैस की कमी न हो। पिछले साल देश ने 33.15 मिलियन मीट्रिक टन LPG (कुकिंग गैस) की खपत की थी, जिसमें से लगभग 60% आयात से पूरी हुई थी और इस आयात का करीब 90% हिस्सा मिडिल ईस्ट के देशों से आया था। भारत खाड़ी क्षेत्र में फंसे अपने खाली जहाजों में भी LPG भरवा रहा है।
