रायपुर।* राजधानी में संचालित स्पा सेंटरों में नियमों के पालन और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया।
पुलिस ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में संचालित 30 स्पा सेंटरों में एक साथ जांच की। इसके लिए पुलिस की 15 टीमों का गठन किया गया था, जिसमें राजपत्रित अधिकारियों समेत 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
*हाईलाइट्स:*
1. स्पा सेंटरों में अनियमितता पर रायपुर पुलिस का हंटर
2. 15 टीमों ने खंगाले 30 स्पा सेंटर
3. 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने की बड़ी कार्रवाई
*स्पा संचालकों में हड़कंप -*
पुलिस की इस अचानक कार्रवाई को लेकर स्पा सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया। टीमों ने सेंटरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य स्पा सेंटरों की आड़ में किसी भी तरह की प्रतिबंधित या संदिग्ध गतिविधियों को रोकना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
*तीनों जोन में एक साथ कार्रवाई -*
पुलिस उपायुक्त वेस्ट जोन रॉबिन्सन गुरिया, सेंट्रल जोन के डीसीपी तारकेश्वर पटेल और नॉर्थ जोन की डीसीपी दीपमाला कश्यप के निर्देशन में तीनों जोन में कार्रवाई की गई। सहायक पुलिस आयुक्त स्नेहिल साहू, नंदिनी ठाकुर और पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में गठित टीमों ने अलग-अलग स्पा सेंटरों की जांच की।
*ग्राहकों के रजिस्टर और CCTV रिकॉर्ड खंगाले -*
जांच के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटरों में रखे ग्राहकों के रजिस्टर, स्टाफ रजिस्टर और कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी रिकॉर्डिंग क्षमता और फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी देखी गई। इसके अलावा संचालक, मैनेजर और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन और आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई।
पुलिस टीमों ने स्पा सेंटरों के लीज, किराया और स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों तथा संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियों की भी जांच की। जांच के दौरान पुलिस को दो स्पा सेंटरों में आपत्तिजनक वस्तुएं मिलीं। इनमें डीडी नगर थाना क्षेत्र का *एलिना स्पा सेंटर* और पंडरी थाना क्षेत्र के अंबुजा माल में संचालित *ला थाई स्पा सेंटर* शामिल हैं। यहां मिली आपत्तिजनक वस्तुओं के संबंध में पुलिस ने संबंधित मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान सामने आए नियमों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के आधार पर संबंधित संचालक, मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
