उपनल के सात हजार से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं हो रही समाप्त, वन विभाग ने 250 कर्मचारियों का रोका वेतन – Himkelahar – Latest Hindi News | Breaking News in Hindi

उपनल के सात हजार से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं हो रही समाप्त, वन विभाग ने 250 कर्मचारियों का रोका वेतन

0

4 सितंबर 2023 :  उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत 25 हजार से अधिक कर्मचारियों में से सात हजार कर्मचारियों को हटाए जाने की तैयारी है। कुछ कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। वन और अन्य विभागों की ओर से सफाई, सुरक्षा, बागवानी सहित विभिन्न कार्यों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है।

शासन ने विभागीय स्तर पर स्वीकृत पदों के सापेक्ष और बिना पद स्वीकृति के आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मामले में विभागीय स्तर पर जांच के आदेश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से जारी आदेश के बाद वन विभाग की ओर से कुछ कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। जबकि समस्त आहरण वितरण अधिकारियों से कर्मचारियों का वेतन भुगतान संबंधी ब्योरा तलब किया गया है। इसी तरह अन्य विभागों की ओर से भी उपनल कर्मचारियों की जानकारी मांगी गई है। आदेश में कहा गया है कि मानक मद आठ के तहत संविदा, अनुबंध या बाह्य सेवा प्रदाता एजेंसी जैसे उपनल, पीआरडी के माध्यम से स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत कर्मचारियों को ही पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था है। जबकि मानक मद 27 के तहत स्वीकृत पदों के सापेक्ष आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों को पारिश्रमिक के भुगतान की व्यवस्था नहीं है। इस मद से केवल सफाई व्यवस्था, सुरक्षा या बागवानी संबंधी सेवाओं के लिए भुगतान किया जाएगा। आदेश में कहा गया है व्यवस्था के विपरीत कुछ विभागों की ओर से व्यय का गलत वर्गीकरण किया जा रहा है। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न विभागों में बिना स्वीकृत पद के बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। इस आदेश के बाद वन विभाग ने 250 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। इस आदेश से विभिन्न विभागों में उपनल के सात हजार से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो रही हैं। जिसमें अधिकतर कर्मचारी वन विभाग, राज्य कर, कृषि, ग्राम्य विकास एवं स्वास्थ्य विभाग से हैं।

उपनल के माध्यम से वन विभाग में पद के सापेक्ष एवं विपरीत काम करने वाले सभी कर्मचारियों की सूचना मांगी गई है। कुछ कर्मचारियों का वेतन रुका है। ट्रैजरी ने कहा है कि कितने कर्मचारी पद के सापेक्ष हैं इसका प्रमाण दें तभी वेतन मिलेगा। सभी कर्मचारियों की सूचना मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।
वन एवं कुछ अन्य विभाग उपनल से कर्मचारियों को रख लेते हैं फिर बाद में बजट न होने की बात कहकर उन्हें हटा देते हैं, जो ठीक नहीं है। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का आदेश अभी मुझे नहीं मिला, हालांकि इसके बारे में मुझे किसी से सूचना मिली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed