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अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवसः आधुनिक जीवन शैली के चलते परिवार का कम हो रहा महत्व

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अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवसः आधुनिक जीवन शैली के चलते परिवार का कम हो रहा महत्व

परिवार के महत्व के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 15 मई को दुनिया भर में ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस’ मनाया जाता है जिसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1993 में की गई थी। पहली बार ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस’ संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा 15 मई 1994 को मनाया गया था।

परिवार की अहमियत को हम भारतवासी बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। विशेषकर कोरोना महामारी के दौर में तो इसका महत्व सभी को अच्छी तरह समझ आ गया है। किसी विकट समय में परिवार की भूमिका बहुत बड़ी होती है, तब परिवार के सभी लोग एकजुट होकर उसका सामना अच्छे से कर पाते हैं, उससे जीत पाते हैं। नौकरी या बिज़नस की बात अलग है जिसके लिए व्यक्ति को भले ही परिवार से अलग रहना पड़े किन्तु इससे परिवार का महत्व कम नहीं हो जाता बल्कि बढ़ता ही है।

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस का उद्देश्य दुनिया भर के परिवारों की भलाई के लिए उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता, कार्यों को लेकर पारिवारिक संतुलन और सामाजिक समावेश पर केन्द्रित है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव द्वारा वर्ष 1996 से प्रत्येक वर्ष ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस’ को एक विशेष थीम के साथ मनाने के लिए निर्दिष्ट किया है, वर्ष 1996 में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस की थीम- फैमिलीज़: फर्स्ट विक्टिम्स ऑफ पावर्टी एंड होमलेसनेस (Families: First Victims of Poverty and Homelessness) थी। कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष 2022 में ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस’ की थीम ‘परिवार और शहरीकरण’ (Families and Urbanization) रखी गई है।

यह विडंबना ही है कि आधुनिक जीवन शैली के चलते आज परिवार बिखरने का दौर आया है। मोबाइल, इंटरनेट का प्रभाव लोगों पर इतना जबरदस्त है कि लोग परिवार के महत्व को भले ही कम आंक रहे हैं किन्तु सच्चाई यही है कि परिवार में रहने में ही वास्तविक खुशी और सुरक्षा प्राप्त होती है। संयुक्त रूप से परिवार में रहकर व्यक्ति संस्कार, नैतिकता, दया-प्रेम, भलाई, रहन-सहन जैसे गुण स्वतः ही सीख जाता है।

संयुक्त परिवार की अहमियत आज सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर ही नहीं वैज्ञानिक स्तर पर भी साबित हो चुकी है, ऐसे कितने ही शोध दुनिया में हो चुके हैं जिनमें साबित हुआ है कि संयुक्त परिवार में मिलजुल कर रहने पर बहुत कम लोग अवसाद ग्रस्त होते हैं। अकेले व्यक्ति को जहां छोटे-छोटे दुःख-दर्द भी पहाड़ की तरह प्रतीत होते हैं, संयुक्त रूप से परिवार के साथ रहकर व्यक्ति अपने बड़े से बड़े दुःख-दर्द कठिनाइयां हंसते-हंसते सहन कर जाता है। संयुक्त परिवार में रहकर लोग अपने जीवन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेते है। इंसान की जिन्दगी में जब भी किसी बड़ी खुशी का मौका आता है अथवा कोई त्योंहार हो या घर-समाज का कोई सैलिब्रेशन ऐसे समय पूरा परिवार साथ हो तब ही वास्तविक आनंद आता है।

आज 15 मई ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस’ के मौके पर, जानते हैं परिवार के महत्व को दर्शाते कुछ महान व्यक्तियों के विचार-

परिवार प्रकृति की उत्कृष्ट कृतियों में से एक है। -जॉर्ज संतयाना दु

दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण परिवार और प्यार होता है। -जॉन

वुडेन

परिवार केवल महत्वपूर्ण नहीं है, यह हमारे लिए सब कुछ है। -माईकल जे. फॉक्स

आपको एक मजबूत परिवार की जरूरत होती है, क्योंकि अंत में, वे आपको प्यार करते है और बिना कोई शर्त के आपका साथ देते है, ये मेरा सौभाग्य है कि मेरे पास मेरे पिता, माँ और मेरी बहन हैं। -ईशा गुप्ता

परिवार हमारे अतीत से हर काल्पनिक तरीके से, जुड़ा हुआ होता है, और हमारे भविष्य के लिए पुल की तरह होता है। -एलेक्स हेली

एक आदमी को अपने व्यवसाय के लिए अपने परिवार की उपेक्षा कभी नहीं करना चाहिए। जिन्दगी खूबसूरत है। यह परिवार और खुशियां बाँटने से ही बनती है। -वाल्ट डिजनी

एक परिवार का सदस्य होना मतलब कि आप एक बेहतरीन चीज का हिस्सा हैं। इसका मतलब है आपको प्यार मिलेगा और आप जीवन भर प्यार करेंगे। -लिसा वीड

आप अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ाने के लिए क्या- क्या कर सकते हैं? घर जाइये और परिवार को प्यार कीजिए। -मदर टेरेसा

वह अकेला पत्थर जो बुरे समय में ढाल बनके हमारे साथ खड़ा रहता है, और ऐसा अकेला समूह जो साथ मिलकर कार्य करता है, वह परिवार होता है। -ली लकॉके

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