“होली के रंग में भंग: भद्रा और ग्रहण के कारण असमंजस में लोग”
होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर काफी कंफ्यूजन है। धर्मगुरुओं के अनुसार, होलिका दहन पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में होना चाहिए, लेकिन इस बार भद्रा और ग्रहण के कारण कोई भी समय ठीक नहीं लग रहा। 2 मार्च को भद्रा है और 3 मार्च को ग्रहण, इसलिए लोग असमंजस में हैं। होलिका दहन 2 मार्च को हो सकता है, लेकिन फिर 3 मार्च को होली खेलना संभव नहीं होगा। होली के रंग में भंग पड़ गया है!
