*देहरादून: डीएम-वकील विवाद में टकराव तेज, कोर्टवर्क ठप*
focus on hammer, group of files on judge table covered with dust - concept of pending old cases or work at judicial court.
यह मामला देहरादून में वकीलों और जिलाधिकारी सवीन बंसल के बीच टकराव को लेकर काफी गरमा गया है। संक्षेप में स्थिति ये है:
*क्या हुआ?*
बीते दिनों एक सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के व्यवहार को डीएम सवीन बंसल ने “आपत्तिजनक और अदालती अवमानना” करार दिया। इसके बाद डीएम ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शर्मा का बार लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश कर दी।
*वकीलों की प्रतिक्रिया*
इस कदम को देहरादून बार एसोसिएशन के सैकड़ों वकीलों ने “पूरी वकील बिरादरी का अपमान” बताया और आंदोलन का ऐलान कर दिया। बार अध्यक्ष अनिल शर्मा उर्फ कुकरेती ने कहा कि प्रेमचंद शर्मा हमेशा अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्रशासन के सामने उठाते रहे हैं, उन्हें टारगेट किया जा रहा है। वकीलों ने फैसला किया है कि जब तक डीएम का तबादला नहीं होता, वे कोर्ट का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। सोमवार को राजस्व न्यायालयों और रजिस्ट्रार कार्यालयों में काम ठप रहा, जिससे रजिस्ट्री जैसे काम अटक गए। मंगलवार को आगे की रणनीति तय होगी।
*पृष्ठभूमि में पुराने आरोप*
सूत्रों के मुताबिक यह विवाद बार एसोसिएशन की आंतरिक अव्यवस्थाओं—कूपन घोटाला और चैंबर आवंटन घोटाले—से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकता है। हाल ही में SIT की भूमि जांच रिपोर्ट में वर्तमान बार अध्यक्ष अनिल शर्मा उर्फ चीनी का नाम अनियमित दाखिल-खारिज मामले में आया था। वकीलों का आरोप है कि डीएम के अधीन रिकॉर्ड रूम में दस्तावेजों से छेड़छाड़ हुई है और तहसील स्तर पर फाइलें महीनों से लंबित हैं।
वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग डीएम सवीन बंसल को “ईमानदार और जिम्मेदार अधिकारी” बता रहे हैं। प्रशासन की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
