उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने CM को सौंपा 12 सूत्रीय मांग पत्र
ज्ञापन:
*मुख्य मांगें:*
1. *TET से छूट*: RTE Act 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त 20 हजार+ शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। कोर्ट के आदेश के अनुपालन हेतु अनुभव आधारित विशेष परीक्षा का विकल्प दिया जाए।
2. *OPS बहाली*: प्रदेश के सभी शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना तत्काल बहाल हो।
3. *शिक्षामित्रों को ₹35400 वेतनमान* + DA का लाभ दिया जाए।
4. *स्थानांतरण*: 3 वर्ष सेवा पूर्ण होने पर गृह जनपद, अन्तर्मण्डलीय, अन्तर्जनपदीय व पारस्परिक स्थानांतरण की सुविधा।
5. *गोल्डन कार्ड*: कैशलेस चिकित्सा में विसंगति दूर कर सुगम सुविधा दी जाए।
6. *गैर-शैक्षणिक कार्य बंद*: RTE Act की धारा-27 में वर्णित कार्यों को छोड़कर प्राथमिक शिक्षकों को अन्य ड्यूटी में न लगाया जाए।
7. *औपबंधिक शिक्षकों* को TET से मुक्त कर वार्षिक वेतन वृद्धि दी जाए।
8. *कोटिकरण विसंगति* दूर कर स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जाए। तब तक DEO को विद्यालयों में तैनाती के अधिकार दिए जाएं।
9. *मोबाइल रिचार्ज भत्ता* और नेटवर्क समस्या पर वेतन न रोकने की मांग।
10. *NEP 2020* के तहत DIET/SCERT पुनर्गठन में प्रारंभिक शिक्षकों को शामिल किया जाए।
*संदर्भ:* 29 मई 2026 को SC के TET संबंधी आदेश के बाद उत्तराखंड में 20 हजार से अधिक और देशभर में 25 लाख शिक्षक प्रभावित हुए हैं। संघ ने केंद्र से अध्यादेश के जरिए संरक्षण की मांग की है।
