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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश ने मचाया तांडव , हिमाचल में 55 और उत्तराखंड में 5 की हुई मौत

भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटने और लगातार भारी बारिश के अन्य प्रभावों ने लोगों की जान ले ली है

15 अगस्त 2023 : भारी बारिश की वजह से हिमाचल प्रदेश में 55 लोगों की मौत हो गई, जबकि उत्तराखंड में पांच लोगों ने अपनी जान गवाईं है।

बरसात के बाद सतलुज, गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तटबंध टूट तो नालों-गदेरों के उफान पर आने की वजह से कई लोग बह गए हैं। हिमाचल प्रदेश में भारी बरसात के बाद हुए नुकसान को काम करने के लिए प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य किया जा रहा है।

पिछले कुछ दिनों से दोनों राज्यों में लगातार बारिश हो रही है, लेकिन राहत की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। मौसम पूर्वानुमान में आईएमडी ने फिलहाल रेड अलर्ट जारी किया है लेकिन, उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में ऑरेंज अलर्ट जारी होगा।

भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, बादल फटने और लगातार भारी बारिश के अन्य प्रभावों ने लोगों की जान ले ली है, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है और बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है, जिससे दोनों राज्यों की विकास गतिविधियों पर कहर बरपा रहा है।

हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड आपदा से जुड़े 15 अपडेट
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 हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को सादगी से मनाया गया। कहा कि एचपी में आई आपदा के मद्देनजर कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया।

एचपी सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सोमवार को हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और लगातार बारिश के बाद से बारिश से संबंधित दुर्घटनाओं में लगभग 55 लोगों की मौत हो गई है। चिंता जताई कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। राहत-बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। हम फंसे हुए लोगों को बचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चंडीगढ़-शिमला 4-लेन राजमार्ग सहित अन्य मुख्य सड़कें खोली गईं हैं। मुख्य सड़कें खोल दी गई हैं जबकि, राज्यों की सड़कों को चालू होने में समय लगेगा।

3 हिमाचल प्रदेश के शिमला में दो भूस्खलन स्थलों से अब तक 14 शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों को डर है कि मलबे के नीचे और भी लोग फंसे हो सकते हैं।

4 मौतों के मामले में दूसरे नंबर पर मंडी जिला है, जहां भूस्खलन के कारण 24 लोगों की मौत हो गई थी।

5 भारी बारिश के बाद भूस्खलन की वजह से हिमाचल प्रदेश में चार नेशनल हाईवे सहित 800 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 323 और शिमला 234 सड़कें बाधित हैं। सोमवार को प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध रहे, जिनमें कालका-शिमला, कीरतपुर-मनाली और पठानकोट-मंडी, धर्मशाला-शिमला मार्ग शामिल हैं।

एचपी यूनिवर्सिअी, सरकारी-प्राइवेट संस्थान भी बारिश के बाद हुए नुकसान की वजह से बंद हैं।

7 हिमाचल प्रदेश मौसम पूर्वानुमान में 12 में से 9 जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

8 हिमाचल प्रदेश में हुए भूस्खलन की वजह से 50 से ज्यादा लोगों की जानें गईं हैं। एनडीआरएफ की 12 से ज्यादा टीमें राहत व बचाव कार्य के लिए जुटी हुईं हैं।

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में नाइट लाइफ पैराडाइज कैंप में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के अनुसार, “कल एक स्थानीय कॉलर ने पौड़ी पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया कि मोहनचट्टी के जोगियाना गांव में भारी बारिश के कारण नाइट लाइफ पैराडाइज कैंप भूस्खलन की चपेट में आ गया है। शिविर से चीखें सुनी जा सकती हैं जहां लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।

10 उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में आईएमडी ने मंगलवार को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

11 उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार को देशभर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग लापता बताए गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में शुक्रवार से कम से कम 13 और लोग मारे गए हैं।

12 भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री मंदिरों की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे- सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं।

13 बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री समेत उत्तराखंड चार धाम यात्रा को दो दिन के लिए स्थगित किया गया है।

14 भारी बरसात के बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घाट जलमग्न हो गए हैं। हरिद्वार के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालत हैं। नदी किनारे लोगों को सतर्क रहने के साथ ही शिफ्ट किया जा रहा है।

15 उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने देहरादून आवास पर राज्य के कई जिलों में भारी बारिश के कारण आई आपदा से उत्पन्न स्थिति के संबंध में अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। उन्होंने सोमवार को राज्य में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया था। आपदा, पुलिस, स्वास्थ्य सहित सभी विभागों के कर्मचारियों को अलर्ट रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

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