उत्तराखंड

हास्को के काम का जायजा लेने गांव पहुंचे केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं फाइनेंशियल एडवाइजर विश्वजीत सहाय

विश्वजीत सहाय ने ग्रामीणों से मुलाकात भी की ,साथ ही जौनसारी संस्कृति से भी रूबरू हुए

1 अक्टूबर 2023 विकासनगरः हेस्को यानी हिमालयन पर्यावरण अध्ययन एवं संरक्षण संगठन की ओर से जौनसार बावर के सलगा और बोहा गांव में फल, सब्जी एवं कृषि से आधारित कार्य किए जा रहे हैं. जिससे ग्रामीणों की आजीविका बढ़ रही है. साथ ही उनकी आय में इजाफा हो रहा है. इसी कड़ी में  डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एवं टेक्नोलॉजी एडिशनल सेक्रेटरी एंड फाइनेंशियल एडवाइजर विश्वजीत सहाय हेस्को की ओर से संचालित योजनाओं और केंद्र का जायजा लेने पहुंचे. जहां हेस्को के कामों को देख संतुष्ट नजर आए.हेस्को के संस्थापक एवं पर्यावरणविद पद्मभूषण अनिल प्रकाश जोशी की ओर से ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के लिए सलगा और बोहा गांव में तमाम तरह की व्यवस्थाएं की गई. इसके तहत सिंचाई के लिए टैंक आदि की व्यवस्था की गई है. साथ ही बीज भी वितरित किए गए. ताकि, किसानों को खेती, बागवानी में मजबूत किया जा सके. इतना ही नहीं हेस्को के सहयोग से ग्रामीण लाभान्वित भी हो रहे हैं. जिससे फल और सब्जी की पैदावार में वृद्धि हुई है.डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एवं टेक्नोलॉजी एडिशनल सेक्रेटरी एंड फाइनेंशियल एडवाइजर विश्वजीत सहाय ने हेस्को समेत अन्य संस्थाओं के कामों का जायजा लिया. जिसकी उन्होंने जमकर सराहना की. विश्वजीत सहाय ने ग्रामीणों से मुलाकात भी की. साथ ही जौनसारी संस्कृति से भी रूबरू हुए. इसके अलावा उन्होंने कालसी चकराता रोड पर तूनधार में स्थित हेस्को के सहयोग से संचालित जौनसार बावर बायोकियोक्स में स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली.हेस्को के संस्थापक अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि ग्रामीणों की आय कृषि और बागवानी से बढ़ सकती है. बागवानी के दो बड़े फायदे हैं. जिसके तहत इकोलॉजी और इकोनॉमी शामिल है. क्योंकि, बागवानी में फलदार पेड़ लगाते हैं. जो मिट्टी की पकड़ को मजबूत बनाते हैं. साथ फल भी देते हैं. इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मजबूती मिलती है. पलायन को रोकना है तो इसी तरह के प्रयास करने होंगे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button