उत्तराखंड

सीडिओ द्वारा में जिले में संचालित योजनाओं में विभागों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की गई

विकासभवन सभागार में जिला योजना/राज्य योजना/केन्द्र पोषित/वाह्य सहायतित योजनाओं में विभागों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की गई

देहरादून | जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान की अध्यक्षता में आज विकासभवन सभागार में जिला योजना/राज्य योजना/केन्द्र पोषित/वाह्य सहायतित योजनाओं में विभागों द्वारा की गई प्रगति की समीक्षा की गई। जिला योजना में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष 67.52 प्रतिशत, राज्य सेक्टर में 67.86 प्रतिशत, केन्द्र पोषित योजनाओं में 89.69 प्रतिशत तथा वाह्य सहायतित योजनाओं में 88.26 प्रतिशत धनराशि का व्यय किया गया तथा सभी मदों में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष 78.04 प्रतिशत धनराशि का व्यय किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने जिला योजना में कम प्रगति वालो विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने चेतावनी के साथ अगली बैठक से पूर्व व्यय प्रगति को 75 प्रतिशत् से अधिक बढाने के निर्देश दिए। वहीं उन विभागों को कड़े निर्देश दिए जिन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि हस्तांतरित की है कहा कि कार्यों की माॅनटिरिंग तथा स्थलीय प्रगति का स्थलीय निरीक्षण करते हुए भौतिक प्रगति आख्या प्रस्तुत करने करें। वंही मुख्य विकास अधिकारी ने सम्बन्धित समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया योजनाओं की प्रगति को शत् प्रतिशत् बढाते हुए आंवटित धनराशि के सापेक्ष शत् प्रतिशत् व्यय करना सुनिश्चित करें। अन्यथा सम्बन्धित अधिकारियो के वेतन रोकने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। टास्कफोर्स अधिकारियों द्वारा सत्यापन प्रगति की सूचना प्रेषित करने तथा लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रतिशत् वाले विभागों के अधिकारियों के स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बी एवं सी श्रेणी में आने वाले विभागों का स्पष्टीकरण तलब करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जो विभाग ए श्रेणी में उनको ए श्रेणी में बने रहने के निर्देश दिए।
जिला योजना में न्यूनतम प्रगति वालो विभागों में लोक निर्माण विभाग, वैकल्पिक उर्जा, लघु सिंचाई, सामुदायिक विकास, रेशम आदि विभागों की प्रगति कम रही। इसी प्रकार बीस सूत्रीय कार्यक्रम में बी श्रेणी में पूर्ति विभाग, स्वजल, बाल विकास आदि विभगा रहे, सी श्रेणी में नगर विकास, लोनिवि आदि विभाग रहे तथा डी श्रेणी में पेयजल निगम, समाज कल्याण विभाग रहे, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने अगली बैठक से पूर्व प्रगति शत् प्रतिशत् करने के निर्देश दिए।

इसके उपरान्त बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने सम्बन्धित अधिकारियों को टीबी योगियों के उपचार एवं पोषण हेतु निक्षय मित्र योजना से जुड़ने तथा विभाग के कार्मिकों के साथ ही उनके यहां जुड़ी हुए संस्थाओं को इससे जोड़ने का अनुरोध किया।
बैठक में अपर मुख्य नगर अधिकारी नगर निगम जगदीश लाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण आर.सी तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एस.के गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधि0अभि0 लोनिवि डीसी नौटियाल, मुख्य कृषि अधिकारी लतिका सिंह, सहायक निदेशक सूचना बी.सी नेगी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र अंजली रावत, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, उरेडा से वंदना, जिला खेल अधिकारी संभाली गुरूंग, सहायक अर्थ एवं संख्याधिकारी पी.एस. भण्डारी, जिला सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

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