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यति रामस्वरूपानंद गिरि और यति परमात्मानंद गिरी को पुलिस प्रशासन ने किया गिरफ्तार

यति परमात्मानंद गिरी ने कहा कि हिंदू भारत सनातन संस्कृति की आस्था का केंद्र उत्तराखंड खतरे में है देवभूमि उत्तराखंड में मुसलमानों की आबादी दिनों दिन बढ़ती जा रही है

हिंदू तीर्थ देवभूमि उत्तराखंड से सम्पुर्ण मुसलमानों द्वारा मस्जिद मजार एवं मदरसे के रूप में हिंदू तीर्थ देवभूमि उत्तराखंड की भूमि पर तेजी से अतिक्रमण किया जा रहा है जिसे मुक्त कराए जाने के संबंध में शहीद स्मारक कोर्ट कंपाउंड जिला कोर्ट देहरादून में दिनांक 10/6/2024 समय 11:00 बजे दिन से अमरण अनशन प्रारंभ करने जा रहे थे यति रामस्वरुपानंद गिरी और यति परमात्मानंद गिरी
आमरण अनशन में तीन मांग बिंदु निम्न प्रकार हैं-
यति रामस्वरुपानन्द गिरी ने कहा कि 29 मार्च 2024 को शाम 8:00 बजे पूर्णागिरि माता के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर टनकपुर रोड स्थित खटीमा जामा मस्जिद से मुसलमानों ने पत्थरों की बरसात कर श्रद्धालुओं को घायल कर दिया जिस पर प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई जिस कारण हमने 4 अप्रैल 2024 को देहरादून प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर उत्तराखंड सरकार से मांग की थी कि 24 घंटे के अंदर खटीमा के सभी मस्जिदों मदरसों और मजारों के मौलाना मौलवी उलेमाओं को तत्काल गिरफ्तार कर जेल डालें और खटीमा के सभी मस्जिद मजार मदरसों को तत्काल तुड़वाने की कृपा करें यदि उत्तराखंड सरकार ऐसा नहीं करती है तो हम अपने सनातनी हिंदुओं की रक्षा करने के लिए यदि मुझे आवश्यकता पड़ेगी तो हम आंदोलन या आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगे परंतु अभी तक उत्तराखंड सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की जिस कारण हमें आमरण अनशन करने पर मजबूर होना पड़ा।
1-यह कि भारत की उत्तराखंड भूमि हिंदू सनातन धर्म की आस्था एवं हिंदू सनातन संस्कृति सभ्यता के रूप में जानी जाने वाली देवभूमि है पूरे उत्तराखंड क्षेत्र में हिंदू धर्म के देवी देवताओं का स्थान है जिस पर मुसलमानों द्वारा निरंतर अतिक्रमण किया जा रहा है मकान के साथ-साथ मस्जिद मजार मदरसा एवं दुकान का निर्माण किया जा रहा है जिसे रोका जाना अतिक्रमण मुक्त कराया जाना सनातन धर्म की सनातन संस्कृति के लिए अति आवश्यक है। इसलिए संपूर्ण उत्तराखंड प्रदेश में एक भी मस्जिद,मजार,मदरसे ना रहे जिसे तत्काल हटाया जाए।
2- देवभूमि उत्तराखंड में हिंदुओं के चार धाम है जिसमें हरिद्वार से लेकर ऋषिकेश,उत्तरकाशी,गंगोत्री,गोमुख,यमुनोत्री बद्रीविशाल,केदारनाथ,देवप्रयाग जैसे अन्य कई हिंदू तीर्थ स्थान हैं जिस स्थान में मुसलमानों का अतिक्रमण निरंतर जारी है जिसे मुक्त कराया जाना हिंदू सनातन धर्म के लिए अति आवश्यक है। इसलिए संपूर्ण उत्तराखंड प्रदेश में एक भी मुस्लिम ना रहे जो रह रहे हैं उन्हें तत्काल उत्तराखंड प्रदेश से निष्कासित किया जाए।
3- देवभूमि उत्तराखंड में निरंतर मुसलमानों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है निवास स्थान बनाया जा रहा है और नाना प्रकार के हिंदू रीति रिवाज के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है हिंदुओं को आर्थिक मानसिक शारीरिक रूप से क्षति पहुंचाए जाने जैसे कार्य किया जा रहा है जिस कारण हिंदू तीर्थों में दर्शनार्थियों की दिनों दिन कमी देखने को मिल रही है पूर्णागिरि माता जी के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर खटीमा जामा मस्जिद से मुसलमानों ने पत्थर बरसाकर श्रद्धालुओं को घायल कर दिए । जिस कारण देवभूमि उत्तराखंड में तीर्थ में दर्शन के लिए आ रहे श्रद्धालु बंद हो जाएंगे। इसलिए बाहर से मुसलमानों के उत्तराखंड प्रदेश में प्रवेश पर रोक लगाया जाना अति आवश्यक है अर्थात उत्तराखंड प्रदेश में सम्पुर्ण मुसलमानों के प्रवेश पर बैन लगाया जाए।
यति परमात्मानंद गिरी ने कहा कि हिंदू भारत सनातन संस्कृति की आस्था का केंद्र उत्तराखंड खतरे में है देवभूमि उत्तराखंड में मुसलमानों की आबादी दिनों दिन बढ़ती जा रही है जिस कारण हिंदू तीर्थ देवभूमि उत्तराखंड प्रभावित हो रहा है हिंदू तीर्थ देवभूमि उत्तराखंड को मुसलमानों से मुक्त करा कर हिंदू तीर्थ देवभूमि उत्तराखंड की रक्षा सुरक्षा व्यवस्था कराई जाए। मुसलमान हिंदू सनातन धर्म के देवी देवता को नहीं मानते और ना ही उनकी पूजा विधि विधान में इनकी कोई आस्था होती है जिस कारण हिंदू तीर्थ देवभूमि उत्तराखंड में इनका प्रवेश वर्जित होना चाहिए कारण जिस प्रकार मुसलमान के तीर्थ में हिंदू का प्रवेश वर्जित रहता है ठीक उसी प्रकार हिंदू के तीर्थ में इन मुसलमानों का प्रवेश वर्जित होना हिंदू सनातन धर्म के लिए अति आवश्यक है।
उपरोक्त क्रमशः तीनों मांग को लेकर प्रार्थी यति रामस्वरूपानंद गिरी और यति परमात्मानंद गिरी 10 जून 2024 को प्रातः 11:00 बजे दिन से शहीद स्मारक कोर्ट कंपाउंड जिला कोर्ट देहरादून में आमरण अनशन जा रहे थे।

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