उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए की 13 घोषणाएं

सरकार छात्रों के हित में उन पर दर्ज मुकदमों को वापस लेगी इसके साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों का नामकरण बलिदानी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम किया जाएगा

15 अगस्त 2023 देहरादून : मुख्यमंत्री ने 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर परेड मैदान स्थित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की विकास उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि बागवानी के अलावा रोजगार, स्वरोजगार और धर्म संस्कृति के संरक्षण के साथ ही पर्यटन और उद्योग निवेश तेजी से बढ़ावा दी जा रही हैं। सरकार अपने वादों के अनुरूप समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को राज्य में जल्द लागू करने जा रही है। सरकार छात्रों के हित में उन पर दर्ज मुकदमों को वापस लेगी इसके साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों का नामकरण बलिदानी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का नाम किया जाएगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए 13 घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आजादी के अमृतकाल में अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का प्रण लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक नया भाव जागृत हुआ है। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले नौ वर्षों में केन्द्र सरकार से 01 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 05 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशिष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया।

हेड कांस्टेबल चमन कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल और आरक्षी धीरेन्द्र सिंह चौहान को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में सेवा का अवसर मिला है। यह भरोसा दिलाता हूं कि पूरे संकल्प के साथ राज्य के विकास के लिए दिन-रात काम करूंगा। उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता को जल्द ही लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और स्वरोजगार से युवाओं को जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

प्रदेश में स्टार्ट अप शुरू करने की चाह रखने वाले देवभूमि के युवाओं के लिए हम 30 नए इंक्यूबेशन सेंटर खोलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विकास कल्याण को लेकर सरकार प्राथमिकता के आधार काम कर रही है। भर्ती घोटाले पर कार्रवाई हुई। अब तक 80 से अधिक लोगों को जेल में डाला गया है।

उन्होंने कहा कि लैंड जिहाद के विरुद्ध कार्रवाई में अब तक देवभूमि में 2765 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है। नदियों व जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की पहल बड़े स्तर पर की गई है। उत्तराखंड में 304 करोड़ रुपये से 18 हजार पॉलीहाउस की स्थापना करने के लिए कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार के साथ भ्रष्टाचार पर प्रहार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अन्न मिलेट्स को राज्य में बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार गोवंश संरक्षण के लिए काम कर रही है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने जा रहे हैं। देवभूमि में चारधाम यात्रा में 38 लाख यात्री और कांवड़ यात्रा में 04 करोड़ लोग आए।

श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण व बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत तीन स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्रदान की है। आज जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के ‘रीजनल कनेक्टिविटी योजना’ के अंतर्गत 13 स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।

राज्य के लिये स्वीकृत ‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ उत्तराखंड में औद्यानिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। देहरादून और मसूरी में विश्व स्तरीय ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये भारत सरकार द्वारा 1750 करोड़ की परियोजना के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। जमरानी और सौंग बांध बनाने की अनुमति मिल चुकी है। 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना का कार्य गतिमान है। ऊधमसिंह नगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके लिए 700 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है, इसका भूमि पूजन शीघ्र ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवारों को मुफ्त में तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाना हो, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना हो, पुनः सरकारी नौकरियों में खेल कोटा प्रारंभ करना हो या फिर हाल ही में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए उठाए गए कदम हों, सभी पर राज्य सरकार ने तेजी से कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ‘नई एमएसएमई पॉलिसी’ को लागू किया गया है और ‘प्राइवेट इंडस्ट्रियल स्टेट पॉलिसी’ को भी अपनाया है। राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए ‘स्मॉल हाईड्रो पॉवर पॉलिसी’ और ‘सोलर पॉवर पॉलिसी’ को क्रियाशील किया है। आने वाले समय में सर्विस सेक्टर, सेब की खेती और आयुष क्षेत्र से जुड़ी नीतियां लागू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि नीति और निवेश का सीधा संबंध है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ आयोजित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में निवेश के अवसरों में भारी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक, पौराणिक और धार्मिक पहलु पर सरकार काम कर रही है। पर्यटक और यात्री की सुविधा को लेकर पार्किंग बनाई जा रही है। राज्य में 50 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। राज्य में ‘नई पर्यटन नीति’ लाई गई है। कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों को चार धाम की तर्ज पर विकसित करने के लिए ‘मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’ पर कार्य किया जा रहा है। मानसखंड पर आधारित राज्य की झांकी को इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। सरकार आदि कैलाश मार्ग पर सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।’हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर’ को स्वीकृति प्रदान की गई है। रोड, रेल तथा रोपवेज तीनों ही क्षेत्रों में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते राज्य में ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना’ सहित महिलाओं के हित में अनेकों योजनाएं संचालित हो रही हैं। सीमांत तहसीलों के लिए ‘मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’ प्रारम्भ की है। पलायन की रोकथाम के लिए ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’ भी प्रारम्भ की है। ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को आत्मसात करते हुए ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना प्रारंभ की है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए ‘नई खेल नीति’ लाई गई है।

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्रीऔर सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव शैलेश बगौली, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। इससे बाद बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं-

1. आमजन को वर्षभर भवन निर्माण सामग्री ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से सीधे घर तक पहुंचाने के लिए एक ‘खनिज प्रसंस्करण पोर्टल’ बनाया जाएगा।

2. दुर्गम इलाकों में गर्भवती माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए हम ‘मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजना’ प्रारंभ की जायेगी। इस व्यवस्था को हम 108 एंबुलेंस सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।

3. राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए उनके विषयों की पुस्तक हिन्दी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

4. ‘अग्निवीर योजना’ के विरोध प्रदर्शन में शामिल उन युवाओं पर लगे मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

5. राज्य के प्रमुख चौराहों और सड़कों का नामकरण राज्य के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, बलिदानी, साहित्यकारों और महान विभूतियों के नाम पर किया जाएगा।

6. ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ प्रारंभ की जाएगी।

7. ‘मुख्यमंत्री पर्वतीय नगर विकास योजना’ के अंतर्गत दोनों मंडलों में एक-एक शहर को ‘मॉडल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

8. मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए उचित शिक्षा एवं संतुलित पोषण सुनिश्चित करने हेतु मोबाइल स्कूल और मोबाइल आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की जायेगी।

9. विकासनगर क्षेत्र में मां यमुना किनारे स्थित प्राचीन नगर ‘हरिपुर’ को उसका ऐतिहासिक और पौराणिक स्वरूप दिलाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

10. प्रदेश में जनजातीय संस्कृति के संर्वधन के लिए शीघ्र ही राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

11. सीमांत गांव के जनजातीय इलाकों में ‘एकलव्य स्कूलों’ की संख्या में वृद्धि करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।

12. एक से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए प्रतियोगिओं के कारण रिक्त हुए पदों पर प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी, यह प्रतीक्षा सूची एक निश्चित समयावधि तक मान्य होगी और प्रभावी रहेगी।

13. कुटीर उद्योगों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘यूनिटी मॉल’ की स्थापना की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button