उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाईन 1905 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक ली

मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्यमंत्री को विस्तारपूर्वक मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी

देहरादून | मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाईन 1905 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक ली। जबकि जनपदों के जिलाधिकारियों/मुख्य विकास अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए जनपद में मुख्यमंत्री हेल्पलाईन 1905 पर प्राप्त हुई शिकायतों के निस्तारण की विस्तारपूर्वक जानकारी मा0 मुख्यमंत्री जी को दी। मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रत्येक सप्ताह मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों के क्रम में 13 शिकायतकर्ताओं से दूरभाष के माध्यम से बात करेंगे तथा शिकायत के निस्तारण के संबंध में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में उनका मत भी जानेगें कि शिकायतकर्ता विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से संतुष्ट है अथवा नहीं। उन्होंने विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों एवं जिलाधिकारियों से अपने विभागों तथा जनपदों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति के संबंध में प्रत्येक सप्ताह 13 शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता करें तथा अपने विभाग से संबंधित एल1 एवं एल2 अधिकारियों को भी निर्देशित करेंगे। इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से भी बात की।
बैठक में मा0 मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून से मुख्यमंत्री हेल्पलाईन 1905 पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जानकारी प्राप्त की गई। मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने मा0 मुख्यमंत्री को विस्तारपूर्वक मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। मा0 मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में मुख्य विकास अधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारी को निर्देशित किया कि एल1 अधिकारी अपने स्तर पर शिकायतों की समीक्षा करें तथा प्रत्येक सप्ताह प्राप्त शिकायतों पर शिकायतकर्ताओं से वार्ता भी करें। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों, खण्ड विकास अधिकारियों को अपने स्तर पर प्रत्येक सप्ताह शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभाागीय वनाधिकारी देहरादून नितीशमणी त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी के.के मिश्रा, अपर मुख्य अधिकारी नगर निगम देहरादून जगदीश लाल, उपजिलाधिकारी सदर निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण सहित लोनिवि, जल संस्थान, पेयजल निगम, विद्युत विभाग, सिंचाई, राजस्व विभाग के अधिकारियों सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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