उत्तराखंड

नवनिर्मित भव्य राम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम शुभ मूहुर्त में हुआ संपन्न, प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर के गर्भगृह में सिर्फ पांच लोग ही थे मौजूद

पीएम मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा से पहले ग्यारह दिन का यम तप किया था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आज शुभ मूहुर्त के हिसाब से मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई. पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित और गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने प्राण प्रतिष्ठा की वैदिक प्रक्रिया संपन्न कराई और रामलला बरसों बाद अपने मूल स्थान पर स्थापित हुए.रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर देशभर के गणमान्य अतिथि भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे. प्राण प्रतिष्ठा के दौरान मंदिर के गर्भगृह में सिर्फ पांच लोग ही मौजूद थे, इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल थे. पीएम मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा से पहले ग्यारह दिन का यम तप किया था. पीएम मोदी हाथों में पूजा की सामग्री लेकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचे थे.

राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान रामलला के श्यामल रंग की 51 इंच की प्रतिमा को विराजित किया गया है. जो भगवान राम के पांच वर्षीय बाल स्वरूप की है. इसका वजन 200 किलोग्राम है. पीएम मोदी ने पूरे विधि विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा के सभी अनुष्ठान किए. जिसके बाद रामलला गर्भगृह में स्थापित हो गए हैं. 23 जनवरी से श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए आज सकेंगे. मंगलवार से अयोध्या में बड़ी संख्या में रामभक्त अयोध्या पहुंचेंगे.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button