उत्तराखंड

कोरोना वायरस का नया वैरिएंट जेएन.1 की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

अस्पतालों में आने वाले खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधित मरीजों की लक्षण के आधार पर सैंपल जांच करने के निर्देश दिए गए

कोरोना वायरस का नया वैरिएंट जेएन.1 तेजी से पैर पसार रहा है। इसकी रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को जांच और निगरानी बढ़ाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उत्तराखण्ड में कोरोना वायरस के नए स्वरूप की पहचान करने के लिए चार राजकीय मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा है। अस्पतालों में आने वाले खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधित मरीजों की लक्षण के आधार पर सैंपल जांच करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कोरोना वायरस के नए स्वरूप की पहचान के लिए पॉजिटिव सैंपलों की अनिवार्य रूप से जीनोम सिक्वेंसिंग कराने को कहा गया। कोविड की आरटीपीसीआर जांच के लिए प्रदेश में 50 से अधिक पैथोलॉजी लैब स्थापित हैं। इसमें 13 लैब सरकारी हैं, लेकिन संक्रमित सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी, श्रीनगर और अल्मोड़ा में है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया, सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि जांच में पॉजिटिव कोविड सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाए।

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