उत्तराखंडदेहरादून

कांग्रेस मुख्यालय में हाथ से हाथ जोड़ो अभियान मैं नदारद रहे कई नेता

बैठक में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह की गैरमौजूदगी देखने को मिली.

देहरादून :  उत्तराखंड में कांग्रेस नेता चाहे कितना भी दावा कर लें कि पार्टी के भीतर सबकुछ ऑल इज वेल है. लेकिन उनकी यात्रा हो या रैली, फिर चाहे पार्टी की बैठक. हर जगह कांग्रेस में दो फाड़ नजर आने लगता है. कभी भी एक मंच पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधायक एक साथ नजर नहीं आते हैं. एक ऐसा ही वाकया आज फिर से देहरादून कांग्रेस मुख्यालय में हाथ से हाथ जोड़ो अभियान को लेकर आयोजित बैठक में देखने को मिला. जहां पूर्व सीएम हरीश रावत अपनी उपस्थिति दिखाकर वहां से निकल गए. जबकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चकराता विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए. भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब कांग्रेस देशभर में 26 जनवरी से हाथ से हाथ जोड़ो अभियान चलाने जा रही है. जिसको लेकर देहरादून में पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने वरिष्ठ नेताओं, विधायक और पदाधिकारियों के साथ बैठक बुलाई थी, लेकिन बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कुछ देर के लिए पहुंचे, उसके बाद बैठक छोड़कर भारत जोड़ो यात्रा के लिए निकल पड़े. वहीं, बैठक में पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह की गैरमौजूदगी देखने को मिली. इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को भी शामिल होना था, लेकिन वो भी गायब रहे.

, जब इस बारे में करण माहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कुछ लोगों का कहना है कि प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव आते नहीं हैं, लेकिन पिछले 7 महीनों में प्रभारी 5 बार उत्तराखंड दौरे पर आ चुके हैं. यह जरूरी नहीं है कि हर कोई फिजिकली प्रेजेंट हो, क्योंकि उसकी उपस्थिति फोन और चिट्ठी के माध्यम से भी होती है. ऐसे में यदि कांग्रेस का संगठन कार्य नहीं कर रहा है तो तब उंगली उठनी चाहिए. करण माहरा ने कहा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के इस चरण में काजी निजामुद्दीन और कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव का रहना जरूरी था, इसके अलावा 23 तारीख को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. उसकी भी जिम्मेदारी देवेंद्र यादव को सौंपी गई है. जिसके चलते वह हाथ से हाथ जोड़ो अभियान को लेकर आयोजित की गई इस बैठक में नहीं पहुंच सके.

माहरा ने बैठक में कई विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की गैरमौजूदगी पर कहा कि सबको एक कमरे में बंद नहीं रखा जा सकता है. यह प्रश्न तो सत्ता पक्ष से पूछना चाहिए जिनके दो पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं कि इनके शासनकाल में भ्रष्टाचार और घूसखोरी बढ़ गई है. जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री का कहना है कि जब मछली मुंह खोलती है तो पकड़ी जाती है. ऐसे में यह प्रश्न विपक्षी से नहीं, बल्कि बीजेपी से करना चाहिए

कांग्रेस की बैठक में दिग्गजों की दूरी पर बीजेपी को निशाना साधने का मौका मिल गया. भाजपा ने कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान पर निशाना साधा. बीजेपी प्रवक्ता संजीव वर्मा ने कहा कांग्रेस पार्टी अंदरूनी गुटबाजी से जूझ रही है. कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा पूरी तरह से फ्लॉप शो है. इस यात्रा में टुकड़े-टुकड़े गैंग के लोग जुड़ रहे हैं. जिनका भारत के विकास से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है.

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