अंतरराष्ट्रीय समाचार

अनवर उल हक होंगे पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री, अनवर बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के सीनेटर हैं

पाक में नेशनल असेंबली के 9 अगस्त को भंग होने के बाद पीएम शहबाज शरीफ और राजा रियाज के बीच कार्यवाहक प्रधानमंत्री तय करने को लेकर बैठकों का कई दौर चला

इस्लामाबाद 12 अगस्त 2023 :  पाकिस्तान में शाहबाज शरीफ सरकार की ओर से इस्तीफा दिए जाने के बाद वहां पर शनिवार को कार्यवाहक सरकार का गठन कर दिया गया है. सरकार और विपक्षी दलों के बीच अनवारुल हक काकर के नाम पर सहमति बनने के बाद उनके नाम का ऐलान कर दिया गया.अनवारुल बलूचिस्तान के रहने वाले हैं.

इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने पिछले दिनों इस्तीफा देने वाले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और नेशनल असेंबली में विपक्ष के निवर्तमान नेता राजा रियाज को कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति को लेकर शनिवार तक नाम तय करने का निर्देश दिया था. इस्लामाबाद में अनवर के नाम पर दोनों नेताओं की ओर से सहमति बन गई. कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में बलूचिस्तान से ताल्लुक रखने वाले अनवारुल हक काकर के आज ही शपथ लेने की संभावना है. अनवर बलूचिस्तान नेशनल पार्टी के सीनेटर हैं.पाक में नेशनल असेंबली के 9 अगस्त को भंग होने के बाद पीएम शहबाज शरीफ और राजा रियाज के बीच कार्यवाहक प्रधानमंत्री तय करने को लेकर बैठकों का कई दौर चला. शरीफ ने कल राजधानी इस्लामाबाद में कहा था कि वह और राजा रियाज 12 अगस्त (शनिवार) तक इस पद के लिए आपस में रजामंदी कर लेंगे.साथ ही शरीफ ने यह भी कहा था, “कार्यवाहक पीएम चुनने को लेकर अंतिम फैसला लेने से पहले गठबंधन साझेदारों को भी विश्वास में लिया जाएगा. मेरी शुक्रवार को रियाज से मुलाकात होनी थी, लेकिन किन्हीं वजहों से यह मुलाकात नहीं हो सकी थी.”राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने शहबाज शरीफ और राजा रियाज को लिखी चिट्ठी में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री शरीफ की सलाह पर नेशनल असेंबली को बुधवार को भंग कर दिया था. साथ ही उन्होंने कहा कि अनुच्छेद-224 ए के तहत नेशनल असेंबली भंग किए जाने के तीन दिनों के अंदर शरीफ और रियाज को मिलकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के पद पर किसी नेता का नाम तय करना होगा.संविधान के अनुसार, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता को 3 दिन के अंदर कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद के नाम पर सहमति बनानी होती है. यदि दोनों नेताओं में किसी नाम पर सहमति नहीं बनती है, तो मामला संसदीय समिति को भेजा जाएगा. यदि संसदीय समिति भी फैसला नहीं ले पाती है पाकिस्तान निर्वाचन आयोग को यह अधिकार होगा कि वह कार्यवाहक पीएम का नाम तय करे. हालांकि आयोग के पास साझा की गई सूची में से ही कार्यवाहक पीएम का नाम चुनना होगा और इसके लिए उसके पास दो दिन का समय होगा.

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