उत्तराखंड

अदालत ने पोक्सो एक्ट के अन्तर्गत अभियुक्त को छ: बर्ष की कठोर सजा सुनाई

अदालत ने अभियुक्त को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 में एक वर्ष,धारा 363 में 5वर्ष व पांच हजार जुर्माना,363में 5वर्ष की सजा व पांच हजार जुर्माना तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 10(एम)में छः वर्ष की सजा वी पन्द्रह हजार का जुर्माना लगाया।

पौड़ी/ विशेष लोक अभियोजक विजेंद्र रावत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पौड़ी,जिला एवम् सत्र न्यायाधीश सिकद कुमार त्यागी की अदालत ने पोक्सो अधिनियम सहित भारतीय दण्ड संहिता की विभिनन धाराओं में अभियुक्त मोनू उर्फ चीना को छह वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक ने जानकारी देते हुए बताया कि अठारह जनवरी 2020 को थाना लेंसीडाउन के अन्तर्गत अपने रिश्तेदार के शादी समारोह के उपहार वितरण समारोह से पीड़िता जो कि चार वर्षीय नाबालिग मौजूद नहीं मिली।काफी तलाश करने पर पीड़िता जंगल में अभियुक्त मोनू उर्फ चीना के कब्जे से बरामद हुई। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार अभियुक्त नग्न अवस्था में था व उसने पीड़िता के साथ मार पीट भी की।
अभियुक्त को स्थानीय लोग ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया था।घटना की जांच के उपरांत आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।अभियोजन पक्ष द्वारा कुल बारह गवाह प्रस्तुत किए गए।बृहस्पतिवार को अदालत ने अभियुक्त को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 323 में एक वर्ष,धारा 363 में 5वर्ष व पांच हजार जुर्माना,363में 5वर्ष की सजा व पांच हजार जुर्माना तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 10(एम)में छः वर्ष की सजा वी पन्द्रह हजार का जुर्माना लगाया।सभी सजाए साथ साथ चलेंगी।न्यायालय द्वारा पीड़िता को प्रतिकार दिलवाए जाने के आदेश भी दिया।

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