छात्रों को मिलेगा सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर सर्टिफिकेशन का अवसर – Himkelahar – Latest Hindi News | Breaking News in Hindi

छात्रों को मिलेगा सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर सर्टिफिकेशन का अवसर

देहरादून, 06 अक्टूबर 2026 – एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) के स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड कॉमर्स ने फाइनेंशियल प्लानिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड लिमिटेड की भारतीय सहायक कंपनी एफपीएसबी इंडिया के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य पात्र छात्रों को उनके नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP®) सर्टिफिकेशन हासिल करने का अवसर प्रदान करना है।

साझेदारी का महत्व

  • छात्रों को वित्तीय नियोजन और वेल्थ मैनेजमेंट में वैश्विक मान्यता प्राप्त शिक्षा मिलेगी।
  • यह उन्हें बैंकिंग, बीमा, निवेश सलाह, फिनटेक और अन्य वित्तीय क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए तैयार करेगा।
  • भारत में वित्तीय समावेशन और निवेश उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल समयानुकूल है।

भारत का वित्तीय परिदृश्य

  • भारतीय रिजर्व बैंक के वित्तीय समावेशन सूचकांक के अनुसार मार्च 2026 में भारत का स्कोर 70.0 तक पहुंच गया।
  • सितंबर 2026 तक दुनिया भर में 2,36,300 से अधिक CFP® पेशेवर कार्यरत हैं, जिनमें भारत के लगभग 3,534 पेशेवर शामिल हैं।
  • जून 2026 में भारत का म्यूचुअल फंड उद्योग ₹82.22 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया, जबकि SIP निवेश ₹31,781 करोड़ मासिक दर्ज हुआ।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जुलाई 2026 तक 58 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।

नेतृत्व की राय

  • रमेश विश्वनाथन (सीईओ, एफपीएसबी इंडिया) ने कहा कि वित्तीय सेवाओं में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए पेशेवर शिक्षा बेहद जरूरी है। CFP® सर्टिफिकेशन छात्रों को व्यावहारिक क्षमताओं और नैतिक मूल्यों से लैस करेगा।
  • डॉ. अंजलि साने (डीन, स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स एंड कॉमर्स, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) ने कहा कि यह MoU शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में वैश्विक मानकों को शामिल करने और छात्रों को क्लासरूम से बाहर के अवसर देने की दिशा में अहम कदम है।

निष्कर्ष

यह सहयोग छात्रों को कैश-फ्लो मैनेजमेंट, टैक्स प्लानिंग, रिटायरमेंट प्लानिंग और रिस्क मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव देगा। साथ ही, CFP® सर्टिफिकेशन की वैश्विक मान्यता उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी करियर बनाने का अवसर प्रदान करेगी।

👉 यह समझौता भारत के तेजी से बदलते वित्तीय परिदृश्य में प्रशिक्षित और जिम्मेदार वित्तीय पेशेवरों की नई पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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