राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर दी महत्वपूर्ण जानकारी
7 नवम्बर 25 : उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार ये चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच कराए जाएंगे।इस बीच आयोग ने बैलेट पेपर की छपाई का काम शुरू कर दिया है और चुनावी खर्च सीमा, आवेदन शुल्क तथा जमानत राशि में वृद्धि कर दी है।राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव की आधिकारिक तारीख तब ही घोषित की जाएगी जब अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद आयोग चुनाव की तारीख जारी कर देगा।इस बार पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा बढ़ा दी गई है। ग्राम प्रधान पद के लिए अधिकतम खर्च 1.25 लाख रुपये, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए यह सीमा 7 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा, उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र की कीमत और जमानत राशि में भी वृद्धि की गई है। नामांकन पत्र की कीमत 100 रुपये से 1,500 रुपये तक होगी, जबकि जमानत राशि 400 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक अलग-अलग पदों और वर्गों के अनुसार तय की गई है।
पंचायती राज विभाग ने पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का कार्य पूरा कर लिया है। आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया में 504 ग्राम पंचायतें समाप्त कर दी गई हैं। पुनर्गठन के बाद अब प्रदेश में ग्राम पंचायतों की कुल संख्या घटकर 57,695 रह गई है।राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि यह नियम आगामी पंचायत चुनावों के लिए तुरंत प्रभाव से लागू होंगे। अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि नए नियम और खर्च सीमा उम्मीदवारों के लिए चुनावी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएंगे।
