16 अगस्त 2025 का राशिफल व जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल

🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻🕉️ *~ वैदिक पंचांग ~* 🕉️
🌤️ *दिनांक – 16 अगस्त 2025*
🌤️ *दिन – शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)*
🌤️ *शक संवत – 1947*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – वर्षा ऋतु*
🌤️ *मास – भाद्रपद ( गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)*
🌤️ *पक्ष – कृष्ण*
🌤️ *तिथि – अष्टमी रात्रि 09:34 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र – कृत्तिका 17 अगस्त प्रातः 04:38 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग – वृद्धि सुबह 07:21 तक तत्पश्चात ध्रुव*
🌤️ *राहुकाल – सुबह 09:30 से सुबह 11:06 तक*
🌤️ *सूर्योदय – 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त – 07:06*
👉 *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (भागवत), दही हांडी*
💥 *विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना पापनाशक है।*
🕉️~*वैदिक पंचांग* ~🕉️
🌷 *श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि* 🌷
➡ *16 अगस्त 2025 शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है।*
🙏 *भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४*
🙏 *राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |*
🙏 *भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण में हैं | आप हम पर प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’*
🙏 *तब मैंने मथुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’*
🙏 *महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |*
🙏 *भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खणग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खणग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिया नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |*
🙏 *इस प्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी की स्थापन कर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देश में उस समय प्राप्त हों, उन सबसे पूजन कर माता देवकी की इस प्रकार प्रार्थना करे –*
🌷 *गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |*
*पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||*
🙏 *‘जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |’*
🙏 *उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |*
🙏 *कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –*
🌷 *अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |*
*वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||*
*वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |*
*दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |*
*गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |*
*अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |*
*अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |*
*नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |*
*पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |*
*श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)*
🙏 *इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर ‘यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’*
🙏 *इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें –*
🌷 *क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |*
*गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)*
🙏 *आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये | नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |*
🙏 *धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |*
🙏 *इति श्री भविष्यपुराण का उत्तरपर्व का चौवीसवाँ अध्याय समाप्त हुआ |*
🕉️ *~ वैदिक पंचाग ~* 🕉️
🙏🌷💐🌺🍀🌻🌸🌹🍁🌷🙏 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।
शुभ दिनांक : 7, 16, 25
शुभ अंक : 7, 16, 25, 34
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु
शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून
जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :
आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आप सुनेंगे सबकी लेकिन करेंगे अपने ही मन की फिर भी आज व्यवसाय से आकस्मिक लाभ होने पर स्थिति बिगड़ने नही पाएगी दिन के आरंभ में जो लोग आपके निर्णयों के विरोध कर रहे थे सफर बाद वे ही समर्थन करते दिखेंगे। घर मे भाई बंधुओ से किसी पुश्तैनी अथवा व्यावसायिक बात को लेकर कहा सुनी हो सकती है। भागीदारी के कार्यो में निवेश से बचे अन्यथा हानि ही होगी इसके विपरीत एकल कार्यो में लाभ आवश्यकता से अधिक ही होगा। परिवार का वातावरण पल पल में बदलने पर असमंजस में रहेंगे संताने जिद पर अडेंगी मांगे मनवाकर ही शांत होंगी। मुह पर मीठा बोलने वालों से सतर्क रहें खास कर धनु एवं कुम्भ राशि जातको पर जल्दी से विश्वास ना करें। मानसिक संतुष्टि नही रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपका मन काल्पनिक दुनिया की सैर करेगा मन मे खयाली पुलाव पकाएंगे लेकिन कर्म करने में लचीले रहेंगे। आज आप जिस भी कार्य को करेंगे उसकी सफ़लता असफ़लता किसी अन्य के हाथ मे रहेगी विशेष कर पति अथवा पति से बनाकर चले अन्यथा अंत समय मे सारी योजना रखी रह जायेगी। मध्यान के आस पास अकस्मात ही कही से धन की प्राप्ती होगी इसी से दैनिक खर्च के साथ भविष्य के खर्च चलाने पड़ेंगे इसलिए फिजूल खर्ची पर नियंत्रण लाये। आज व्यसन अथवा दुराचरण से बच कर रहे पारिवारिक मान हानि के साथ शारीरिक रूप से भी नुकसान देह रहेगा। कमर से नीचे के भाग में कोई नया रोग उभरने की संभावना है।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका हठीला स्वभाव बनते कार्यो में विलंब करेगा लोग आपसे व्यवहार तो करेंगे लेकिन केवल स्वार्थ पूर्ति के लिए ही अंदर से आदर का भाव नही रहेगा। कार्य क्षेत्र पर सहयोग की कमी रहेगी जिससे अधिकांश कार्य अपने ही बल करने ओढ सकते है। नौकरी पेशा लोग भी अधिकारियों से नाराजगी के चलते कार्यो को मनमाने ढंग से जल्दबाजी में करेंगे। धन की आमद आज जिस समय उम्मीद नही होगी तब अकस्मात ही होगी। आज विवेकी सोच रखें अन्यथा आने वाले दिनों में इसका अशुभ परिणाम अवश्य भोगना पड़ेगा। घर के सदस्य विशेष कर स्त्री अथवा संताने अपनी मांगे मनवाने के लिये अशांति फैलाएंगी इन्हें समय पर पूरा करे वरना आने वाले कल शांति से बैठना मुश्किल होगा। संध्या बाद किसी अरिष्ट की आशंका से मन भयभीत रहेगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन बीते कल की तुलना में बेहतर रहेगा। समाज से सम्मान तो मिलेगा इसके लिए व्यस्तता से समय भी निकालना पड़ेगा। कार्य व्यवसाय में भी प्रगति होगी लेकिन धन लाभ के समय आश्वाशन ही मिलने से निराश रहेंगे। पूजा पाठ के लिए समय कम ही मिलेगा फिर भी परोपकार के अवसर खाली नही जाने देंगे जरूरतमंदो को आप जितना हो सके उतना सहयोग करेंगे। व्यवसायी वर्ग कार्य स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करें निकट भविष्य में आगजनी अथवा अन्य किसी प्रकार से सामान अथवा आर्थिक क्षति होने की संभावना है। विरोधी पक्ष प्रबल रहेगा लेकिन परोपकार का पुण्य हानि नही होने देगा। संतानों अथवा घर के किसी सदस्य की गलत आदत से मन आहत होगा। घुटनो अथवा अन्य शारीरिक अंगों में निर्बलता रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन परिस्थितियां पहले से बेहतर बनेगी। आज आप किसी भी हालत में समझौता करने के पक्ष ने नही रहेंगे चाहे नुकसान ही क्यो ना हो। दिनचर्या कुछ मामलों को छोड़ सुव्यवस्थित रहेगी। काम धंधा भी मध्यान बाद अकस्मात गति पकड़ेगा लेकिन स्वभाव में नरमी रखे किसी व्यावसायिक अथवा अन्य प्रतिस्पर्धी से गरमा गरमी होने का असर व्यापारिक प्रतिष्ठा पर होगा। धन की आमद आज सहज रूप से ही हो जाएगी फिर भी असंतुष्टि में भाग दौड़ करेंगे खर्च अनियंत्रित होंगे बचत ना के बराबर ही रहेगी। कन्या राशि के लोगो से बहस से बचे। घर मे किसी न किसी से रूठना मनाना लगा रहेगा संतान का सहयोग मिलेगा। गठिया अथवा जननेन्द्रिय संबंधित समस्या उभरेगी।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज के दिन आपमे धार्मिक भावनाए जागृत होंगी पूजा पाठ के लिए समय तो निकालेंगे लेकिन मन टोन टोटको पर ज्यादा विश्वाश करेगा लेकिन इनको करना ना करना एक बराबर ही है समय और धन की बर्बादी ही होगी। कार्य व्यवसाय से बीते दिनों की तुलना में लाभ में वृद्धि होगी। व्यवसाय में विस्तार के अवसर भी मिलेंगे परन्तु गलत मार्गदर्शन के कारण कर नही पाएंगे वर्तमान परिस्थित अनुसार आज काम मे विस्तार ना कर पाना अखरेगा लेकिन बाद में संतोष भी देगा। परिवार में बड़े बुजुर्गों से भाई बंधुओ को लेकर वैचारिक मतभेद रहेंगे। आवश्यक कार्य कल के लिए ना टाले संध्या बाद से सेहत में नरमी आने के कारण अधूरे रह सकते है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन परिस्थितियां उलझन में डालने वाली बन रही है। आज कोई भी कार्य करने से पहले उसकी रूप रेखा अवश्य बना कर चले साथ ही हानि लाभ की समीक्षा भी पहले ही कर ले अन्यथा समय और धन की बर्बादी हो सकती है। दिनचर्या दिशाहीन रहने के कारण जिस भी कार्य को करेंगे उसे बीच मे ही अन्य काम पड़ने पर छोड़ना पड़ेगा। व्यवसाय में भी लाभ के पास पहुचते पहुचते भ्रमित हो जाएंगे। संध्या के आस पास ही थोड़ा बहुत धन लाभ हो सकेगा। नौकरी वाले जातक आज जल्दी से काम करने के मूड में नही रहेंगे। घरलू खर्चो में संकीर्णता दिखाना कलह का कारण बनेगा। महिलाए ईर्ष्या भाव से ग्रसित रहेंगी किस्मत को दोष देंगी। अकस्मात यात्रा के योग बन रहे है।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन पिछले दिनो की अपेक्षा बेहतर रहेगा सेहत में सुधार अनुभव करेंगे। प्रातः काल से ही व्यवसाय अथवा किसी आवश्यक घरेलू कार्य में विलंब होने की चिंता रहेगी लेकिन दोपहर बाद सही कार्य स्वतः ही व्यवस्थित होने लगेंगे। कार्य क्षेत्र पर अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा लेकिन आज आप दिन के आरम्भ में जो भी योजना बनाएंगे उसमे आज नही तो कल सफलता अवश्य मिलेगी इसलिये मेहनत में कमी ना रखे। धन के व्यर्थ कार्यो पर खर्च को रोकने में असमर्थ रहने के कर आर्थिक कारणों से असंतुष्ट ही रहेंगे कल से परिस्थिति हर प्रकार से पक्ष में रहेगी। सरकार संबंधित उलझनों में फंसने की भी संभावना है अनैतिक कार्यो से दूर रहे। धर्म कर्म में कम रुचि रहेगी। घर की बड़ी महिलाओ से कहा सुनी हो सकती है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन पहले की तुलना में सुधार वाला रहेगा लेकिन आज धन की प्राप्ति केवल जोखिम लेकर ही हो सकेगी। कार्य क्षेत्र पर हानि के भय से जल्दी से कोई बड़ा निर्णय नही लेंगे भयभीत ना हो निसंकोच होकर किसी भी प्रकार का जोखिम विशेष कर निवेश करें वरना निकट भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। व्यवसाय में आज किया निवेश तुरंत लाभ तो नही देगा लेकिन आने वाले दिनों में इसका सकारत्मक परिणाम अवश्य मिल सकेगा। धर्म कर्म टोन टोटको में भी रुचि रहेगी इनपर समय और अल्प धन भी व्यय होगा। भाई बंधु और स्त्री वर्ग का मिजाज चढ़ा रहेगा सतर्क रहकर व्यवहार करें। सेहत में कुछ ना कुछ नुक्स लगा रहेगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आप पिछली गलतियों से सीख लेकर ही सभी क्षेत्र पर व्यवहार करेंगे इससे मान सम्मान में वृद्धि के साथ ही नुकसान में भी कमी आएगी। कार्य व्यवसाय अथवा सामाजिक क्षेत्र पर विरोधियो के प्रति नरम व्यवहार रखना आज कुछ ना कुछ लाभ ही देकर जाएगा। आज की मेहनत निकट भविष्य में धन लाभ के नए मार्ग खोलेगी इसमे कमी ना रखे। आज भी धन लाभ आशानुकूल रहेगा फिर भी धन संबंधित प्रसंग आने पर दिमाग गर्म होगा इससे बचे। महिला वर्ग कार्य समय पर करेंगी लेकिन अहसान भी जताएंगी। भाई बंधुओ को आपके अथवा आपको उनसे उनके सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी व्यवहारिक रहे ईर्ष्या बनते कामो की बिगाड़ेगी। सेहत लगभग सामान्य ही रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन शांति से बिताने की आवश्यकता है आज आप स्थित को भांप कर ही व्यवहार करेंगे परन्तु सामने वाला आपकी परिस्थिति का खयाल नही करेगा धन सम्बन्धित मामले किसी ना किसी रूप में कलह का कारण बनेंगे इन्हें प्रेम से निपटाने का प्रयास करें। कार्य व्यवसाय से धन की आमद तो होगी लेकिन कोई न कोई खर्च लगा रहने से संध्या बाद हाथ खाली ही रह जायेगा। पति पत्नी की घरेलू कलह बाहर के लोगो तक न पहुचे इसका विशेष ध्यान रहे लोग सुलझाने की जगह आनंद लेंगे। संतानो का व्यवहार भी अनापेक्षित रहने से अंदर ही अंदर परेशान रहेंगे कहल बढ़ने के डर से विरोध भी नही कर पाएंगे। सेहत ठीक ही रहेगी। मध्य रात्रि बाद स्थिति में सुधार आने लगेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन से आप काफी आशाएं लगा कर रहेंगे परन्तु एक समय मे अधिक कार्य करने पर मतिभ्रम का शिकार बनेंगे। कार्य व्यवसाय सामान्य रहेगा लेकिन आकस्मिक कार्य आने पर उचित समय नही दे पाएंगे अधीनस्थ सहकर्मियों का ऊपर निर्भर रहना पड़ेगा। यात्रा की योजना दिन के आरंभ से ही बनेगी इस पर व्यर्थ खर्च भी करना पड़ेगा। घर मे संतान के कारण कोई नई परेशानी खड़ी होगी लेकिन उच्च पदस्थ लोगों का सहयोग मिलने से राहत मिल जाएगी सरकार संबंधित कार्य संध्या से पहले पूर्ण करने का प्रयास करे अन्यथा कुछ समय के लिये लंबित रह जायेगा। परिवार की महिलाए विशेष कर स्त्री वर्ग मानसिक तनाव से ग्रसित रहेंगी। कंधे कमर अथवा अन्य शारीरिक जोड़ो में दर्द रह सकता है।
🌻🌻🌻🌻कथा व्यास भागवत किंकर वाणी विलास कक्त्वान कृष्ण शास्त्री श्रीधाम अयोध्या जी 🌸🌸🌸
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