योग नगरी ऋषिकेश में रेव पार्टी का खुलासा: गंगा भोगपुर फिर विवादों में, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

🕉️ ऋषिकेश, उत्तराखंड — आध्यात्मिक और धार्मिक पहचान वाली तीर्थनगरी ऋषिकेश एक बार फिर अनैतिक गतिविधियों के कारण सुर्खियों में है। गंगा भोगपुर तल्ला क्षेत्र के इवाना रिजॉर्ट में शनिवार देर रात पौड़ी पुलिस द्वारा की गई छापेमारी में कथित रेव पार्टी का भंडाफोड़ हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
👮♂️ छापेमारी और हिरासत: पुलिस ने रिजॉर्ट से 37 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल थीं। ये सभी दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए थे। हालांकि मौके पर शराब या मादक पदार्थ नहीं मिले, फिर भी पुलिस एक्ट के तहत सभी पर ₹500 का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया।
🌧️ मानसून में प्रतिबंध के बावजूद आयोजन: स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मानसून सीजन में गंगा पर राफ्टिंग और कैंपिंग प्रतिबंधित होती है, लेकिन रिजॉर्ट संचालक सरकारी आदेशों की अवहेलना कर पार्टी आयोजित कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन इसी तरह खानापूर्ति करता रहा, तो ऋषिकेश की तीर्थ और पर्यटन छवि को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
🕯️ अंकिता हत्याकांड की यादें फिर ताज़ा: गौरतलब है कि गंगा भोगपुर वही क्षेत्र है, जहां सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी हत्याकांड हुआ था। उस समय भी एक रिजॉर्ट में अवैध गतिविधियों के आरोप लगे थे। अब दोबारा रेव पार्टी पकड़े जाने से इलाके की छवि फिर सवालों के घेरे में है।
📌 बड़े सवाल उठे:
- जब कोई मादक पदार्थ नहीं मिला, तो कार्रवाई किस आधार पर हुई?
- ₹500 जुर्माने पर छोड़ना क्या रसूखदारों को बचाने की कोशिश है?
- क्या प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से चल रही हैं ये पार्टियां?
💼 पार्टी के पीछे कारोबारी उद्देश्य: पुलिस जांच में सामने आया कि पार्टी का आयोजन चित्तारी एग्रीकल्चर कंपनी के एरिया मैनेजर मनोज कुमार (निवासी मेरठ) ने किया था। उन्हें कंपनी से ₹4 करोड़ का टारगेट मिला था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने खाद व्यापारियों को रिजॉर्ट में आमंत्रित किया। पार्टी में ऑर्केस्ट्रा ग्रुप की महिलाएं भी शामिल थीं।
🚨 पुलिस कार्रवाई पर सवाल: ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई को “कमज़ोर” बताया और आरोप लगाया कि रसूखदारों को बचाने के लिए मामूली जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया। वहीं पुलिस का कहना है कि मौके से कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई।
📋 डीजीपी ने दिए जांच के आदेश: मामले के तूल पकड़ने पर डीजीपी दीपम सेठ ने गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही एसएसपी पौड़ी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। डीजीपी ने पकड़ी गई महिलाओं के नाम सार्वजनिक करने पर भी नाराज़गी जताई है।
📝 व्यापारियों की शिकायत: कार्रवाई का शिकार बने व्यापारियों ने डीजीपी को शिकायत भेजकर दावा किया है कि वे सामान्य पार्टी कर रहे थे, जिसे पुलिस ने गलत तरीके से रेव पार्टी बताकर छापेमारी की।