उत्तराखंड में राजस्व संवर्धन को लेकर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में क्लेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय राजस्व संवर्धन एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को प्राप्त करने और कर अपवंचन व राजस्व हानि की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वृद्धि पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य के विकास, सेवाओं और बुनियादी ढांचे को सुचारू रूप से चलाने के लिए राजस्व का उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने कर राजस्व एवं गैर-कर राजस्व के लिए शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने और राजस्व स्रोतों को बढ़ाने के निर्देश दिए।
कर चोरी पर सख्ती
बैठक में कर चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने रेखीय विभागों को नियमित निरीक्षण करने और कर अपवंचन करने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में राजस्व की हानि नहीं होनी चाहिए।
विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देश
- बाट-माप, खनन एवं परिवहन विभाग को प्रवर्तन की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश।
- विद्युत एवं पेयजल विभाग को उपभोक्ताओं के कनेक्शनों का मिलान करते हुए बिजली व पानी की चोरी पर अंकुश लगाने के निर्देश।
- आबकारी, वन विभाग, सिंचाई विभाग को राजस्व संवर्धन को लेकर निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर प्राप्त करने के निर्देश।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्य
बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के निर्धारित लक्ष्य एवं विभागीय आय का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभागीय आय हेतु निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी दी गई।
बैठक में अधीक्षण अभियंता सिंचाई संजय राज, एसडीएफओ उदय गौर, एसडीएफओ अभिषेक मैठाणी, एडीसीओ रश्मि भट्ट, खनन अधिकारी नवीन सिंह, श्रम अधिकारी दीपक कुमार सहित पेयजल, विद्युत, परिवहन, स्टाम्प एवं निबंधन, नगर निगम एवं अन्य रेखीय विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
सरकार के इन कदमों से राजस्व वृद्धि और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने की उम्मीद है।
