उत्तराखंड

डेंगू से 11 साल के बच्चे की मौत , लोगों में दहशत का माहौल

कस्बे में 60 से अधिक लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में आए हुए हैं। इनमें से कुछ अस्पताल में भर्ती हैं तो कुछ का घर पर ही इलाज चल रहा है।

रुड़की के ढंडेरा इलाके में एक 11 वर्षीय बच्चे की डेंगू की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार चार दिन पहले बच्चे को बुखार आने पर उसे स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए दिखाया गया। डॉक्टर की सलाह पर निजी लैब में उसकी जांच कराई गई तो उसमें डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद हालत ज्यादा खराब होने पर उसे देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

ढंडेरा के अधिकतर इलाकों में जलभराव की समस्या है। गालियों से लेकर खाली पड़े प्लाटों में पानी भरा है। यहां के लोग करीब 15 दिन पहले ही क्षेत्र में डेंगू फैलने की आशंका जता चुके थे। उन्होंने नगर पंचायत अधिकारियों से भी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बच्चे की मौत से जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है वहीं, कस्बावासियों में दहशत बनी हुई है। वहीं इस समय भी कस्बे में 60 से अधिक लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में आए हुए हैं। इनमें से कुछ अस्पताल में भर्ती हैं तो कुछ का घर पर ही इलाज चल रहा है। लोगों का आरोप है कि बार-बार चेताने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर पंचायत अधिकारी भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। साधन सहकारी समिति नगला इमरती के चेयरमैन रवि राणा के अनुसार सीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती के लिए सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री तक से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक यहां पर डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में क्षेत्र में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। मामले में सीएमओ डॉ. कुमार खगेंद्र ने बताया कि व्यवस्था के तौर पर डॉक्टर की दूसरे सीएचसी पर तैनाती गई थी। अब इस सीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती कर दी गई है। संभवत: आज से डॉक्टर सीएचसी पर बैठना शुरू कर देंगे।

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