पहाड़ों के बीच 42 वर्ग किलोमीटर में फैली टिहरी डैम की झील देश की ऊर्जा के साथ ही कई राज्यों में पानी की आपूर्ति भी करती है. अब धीरे धीरे झील में सिल्ट (रेता बजरी) का लेवल बढ़ने लगा है, जिससे झील का अस्तित्व ही खतरे में आ गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक टिहरी डैम की मीयाद करीब 100 साल है, लेकिन सिल्ट की मात्रा बढ़ने से अब ये 30-35 साल तक आंकी जा रही है. .देश की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने वाले टिहरी डैम की झील के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. टिहरी डैम की झील में सिल्ट लेवल लगातार इस कदर बढ़ रहा है कि झील के वजूद का संकट खड़ा हो चुका है.

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